मंगलवार को भिवानी एसआईटी (SIT) ने HSSC clerk paper leak मामले में बड़ा खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि दो JBT teachers भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं, जबकि इनका गिरोह शहर के करीबन एक दर्जन स्कूलों में अपना नेटवर्क चला रहा था। इस मामले में कई बड़ी मछलियां फंसने की भी संभावनाएं जताई जा रही है।

HSSC Clerk Exam leak news
भिवानी CIA कार्यालय में भिवानी SIT के हाथ लगी कामयाबी के बारे में बताते हुए एसपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने Bhiwani Public School के अंदर answer  key को candidate तक पहुंचाने वाले अनिल पंघाल नामक युवक को गिरफतार कर लिया है। अनिल ने ही जेमर इंचार्ज से मिलकर फर्जी पास हासिल किया था और अंदर पहुंचकर candidates से पेपर का कोड जाना था, इसके करीबन 40 मिनट बाद वह फिर से परीक्षा केन्द्र के अंदर दाखिल हुआ और candidate को answer key थमा कर वापस आ गया। अनिल पंघाल फिलहाल रोहतक में रह रहा है, जबकि वह मूल रूप से इंद्रा कॉलोनी भिवानी का रहने वाला है। जबकि उसका साथी वीरेन्द्र उर्फ गुडडू जींद का रहने वाला है और वह दुर्जनपुर गांव के सरकारी स्कूल में बतौर JBT टीचर तैनात है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये लोग जेमर इंचार्ज से setting कर शहर के करीबन दस से 11 नामी स्कूलों में बने centres में दस से 15 उम्मीदवारों का papaer answer key के जरिए करा रहे थे। प्रत्येक केंडिडेंट से करीबन छह लाख रूपये में सौदा तय किया गया था। जबकि कुछ पैसे एडवांस भी ले लेते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख रूपये की राशि भी बरामद की है। जबकि एसआईटी अब अन्य पहलुओं पर भी अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।

अब तक हो चुके हैं तीन आरोपी गिरफतार

पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार के अनुसार अब तक HSSC leak मामले में तीन आरोपी गिरफतार हो चुके हैं, इनमें दो JBT टीचर व एक परीक्षार्थी नरेन्द्र भी शामिल हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले सम्पन्न हुई चार HSSC की परीक्षाओं में भी इस गिरोह ने कहीं अपना netwrok तो नहीं फैलाया था। इस मामले से जुड़े कई नामों का खुलासा होना अभी बाकी हैं, जबकि उन परीक्षार्थियों की भी तलाश की जा रही है, जिन्होंने परीक्षा में पास होने का ठेका इन लोगों को दिया था।

Paper Leakage Game में जेमर इंचार्ज की भूमिका भी संदेह के घेरे में
HSSC paper leakage मामले में अब तक यह बात सामने आई है कि परीक्षा केन्द्र में mobile जेमर लगाने वाले incharge की भी इस गोरखधंधे में मिली भगत रही है। क्योंकि उसके हिस्से भी प्रति केंडिडेट के हिसाब से 60 हजार रूपये हिस्से आते थे, जबकि candidate से छह लाख रूपये में सौदा तय किया जाता था। परीक्षा केन्द्र में फर्जी flying बनकर जाने वाला अनिल पंघाल भी जेमबर इंचार्ज से फर्जी pass हासिल कर अंदर घुसा था और अपना काम बखूबी अंजाम दे गया था। मगर किस्मत ही खराब थी कि BPS स्कूल में परीक्षा डयूटी में सतर्कता बरत रही madam ने पूरा खेल ही बिगाड़कर HSSC के बड़े स्कैंडल से पर्दाफाश कर डाला।

HSSC परीक्षा में धांधली ने परीक्षा की पवित्रता पर भी उठाए कई सवाल
शुरूआत से ही सरकार HSSC की परीक्षा को बाहरी हस्तक्षेप रहित सम्पन्न कराने के लिए दावेकर रही थी औश्र इस बार तो पुख्ता प्रबंधों की बात कही जा रही थी, मगर सारे प्रबंधों को कच्चा बताते हुए इन आरोपियों ने सरकारी तंत्र के परीक्षा चक्रव्यूह को ही धवस्त कर डाला और कई मुन्ना भाईयों के हाथों में paper की master key थमा दी।

स्त्रोत: संजय वर्मा, भिवानी 

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